शायरी

#दिल की #धड़कान को एक लम्हा #सब्र नही ,
           शायद #उसको अब #मेरी ज़रा भी #कद्र नही ,
हर #सफर में #मेरा कभी #हमसफर था वो ,
                   अब #सफर तो हैं मगर वो #हमसफर नही ,

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