शायर

फिर आज कोई गाज़ल तेरे नाम ना हो जाए.😍 आज कही लिखते लिखते शाम ना हो जाए.😍 कर रहे है इंतज़ार तेरे इज़हार-ए-मोहब्बत का.😍 इसी इंतज़ार मे ज़िंदगी तमाम ना हो जाए😍
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