शायरी

🌹गर्मी-ए-हसरतें नाकाम से जल जाते है 🌹🌹
🌹हम चरागों की तरह शाम से जल जाते है 🌹🌹
🌹जब भी आता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ 🌹🌹
🌹जाने क्यों लोग मेरे नाम से जल जाते है 🌹🌹

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