शायरी

🌹🌹ना सिगरेट को छुआ कभी ,🌹🌹
🌹🌹ना कोई और नशा,🌹🌹
🌹🌹 ना आदत शराब की,🌹🌹
🌹🌹जाने कैसे पड गई, 🌹🌹
🌹🌹हमे लत ज़नाब की....🌹🌹

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